सोमवार 9 फ़रवरी 2026 - 06:01
मौलाना अस्करी सिर्फ एक उपदेशक नहीं, बल्कि एक सोच और विचार का स्कूल थे: मौलाना सैयद मेहदी अब्बास जैदी

तंज़ीमुल मकतिब के संस्थापक मौलाना गुलाम अस्करी ताब-ए-सराह की बरसी के अवसर पर मौलाना सैयद मेहदी अब्बास जैदी ने कहा कि तंज़ीमुल मकातिब के संस्थापक की सेवाएं आज भी आसमानी शान की गवाही दे रही हैं; आप सिर्फ एक उपदेशक नहीं थे, बल्कि आप एक सोच और विचार का स्कूल थे जो आज भी चमक रहा है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, मकतब-ए-शाहे नजफ़, छज्जुपुरा सादात, जिला बिजनौर, यूपी के शिक्षक मौलाना सैयद मेहदी अब्बास जैदी ने तंजीम-उल-मकतिब के संस्थापक मौलाना गुलाम अस्करी ताब-ए-सराह की पुण्यतिथि के अवसर पर हौज़ा/मौलाना सैयद मेहदी अब्बास जैदी ने कहा कि संगठन के संस्थापक की सेवाएं आज भी आसमानी शान की गवाही दे रही हैं; आप सिर्फ एक उपदेशक नहीं थे, बल्कि आप एक सोच और विचार का स्कूल थे जो आज भी चमक रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि मौलाना गुलाम अस्करी तब सराह का स्कूल आज भी ज़िंदा है और उनकी सेवाओं और कोशिशों का ज़िक्र हर जगह होता है। देश आज भी उनकी ईमानदारी को याद करता है। वे आज भी ऐसे ज़िंदा टीचर हैं जिनसे पूरे देश के स्टूडेंट्स फ़ायदा उठा रहे हैं और उनकी बायोग्राफी पढ़कर गर्व महसूस करते हैं।

गौरतलब है कि मौलाना गुलाम अस्करी तब सराह की मेहनत की रोशन रोशनी उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले के छज्जुपुरा सादात की ज़मीन है। उनके विचारों से रोशन गांव के लोगों और स्कूल के स्टूडेंट्स ने उनकी बरसी पर शोक सभा करके, कुरान पढ़कर, फ़ातेहा पढ़कर और मग़फ़िरत की दुआ करके उन्हें और उनकी सेवाओं को श्रद्धांजलि दी।

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